हरे कृष्ण * दण्डवत प्रणाम * जय श्रील प्रभुपाद !
भक्ति-वृक्ष ५२ | Bhakti-vriksha week 52
दिनांक : 29/11/2020
वक्ता सेवक : दामोदर धनंजय दास | Dāmodara Dhanañjaya Dāsa, Bhakta Sudipta and Bhakta Sanjukta
विषय :
अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्णभावनामृत संघ के सात उद्देश्य
इस्कॉन के सात उद्देश्य
ISKCON ke saat uddeshya
The Seven Purposes of ISKCON
(starts at 22.40 minutes in this video)
१. संपूर्ण मानव समाज में सुव्यवस्थित रूप से आध्यात्मिक ज्ञान का व्यापकता से प्रचार-प्रसार और सभी को आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रशिक्षित करना जिससे उन्हें अपने जीवन-मूल्यों के असंतुलन की जानकारी हो ताकि विश्व में वास्तविक एकता और शांति की स्थापना हो सके ।
२. महान ग्रंथों जैसे, भगवदगीता और श्रीमद भागवतम, में प्रकाशित कृष्ण भावनामृत का प्रचार-प्रसार करना ।
३. संघ के सभी सदस्यों को आपस में एक साथ आदि पुरुष कृष्ण के निकट लाना, इस प्रकार सभी सदस्यों तथा संपूर्ण मानवता में यह विचार विकसित करना कि प्रत्येक जीव भगवान कृष्ण का गुणात्मक अंश हैं ।
४. भगवान चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाओं में प्रकाशित संकीर्तन आंदोलन, अर्थात भगवान के पवित्र नाम के सामूहिक जप एवं कीर्तन, को सिखाना एवं प्रोत्साहित करना ।
५. सदस्यों और संपूर्ण मानव समाज के लिए श्री कृष्ण को समर्पित दिव्य लीला स्थलों का निर्माण करना ।
६. सभी सदस्यों को सरलतम एवं अधिक सहज जीवन की शिक्षा देने के उद्देश्य से एक-दूसरे के अधिक निकट लाना ।
७. उपर्युक्त उद्देश्यों की प्राप्ति को ध्यान में रखते हुए, सामायिक पत्र, पत्रिकाओं,पुस्तकों और अन्य रचनाओं को प्रकाशित एवं वितरित करना ।
Previous version (2019): https://youtu.be/K-N1TOQpEXA
https://gbc.iskcon.org/what-is-iskcon/
#ISKCON #इस्कॉनकेसातउद्देश्य #SevenPurposesofISKCON #BhaktiVriksha #BhaktiVruksh #BhaktiVrksa #BhaktiVriksh #Krishna #Krsna #HareKrishna #SrilaPrabhupada #Prabhupada #Preachingistheessence #Nectaroftheholyname #SriNamamrita #Pracharhisaarhai #Kirtan #Sankirtan #Bhagavan #Mahamantra #Mantra #इस्कॉन
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment